Hindi poem : अरे कान्हा

अरे कान्हा फिर ना आना तुम जमुना के तट पे ना दवा मिलेगी ना हवा मिलेगी नाथोके शकटमे।1। कालिंदी काली और गंदि है .. नमामी की प्रतीक्षा मे ग्वाले पल्लू खीच रहे,जोगीयो के दीक्षा मे ।2। तेरा अर्जुन फेसबुक पे,महिमामांडन मे मस्त है संजयो का राज यंहा, सब प्राइम टाइम मे व्यस्त है।3। किसे सुनाओगे […]